अमेरिकी सेना का वेनेजुएला में बड़ा ऑपरेशन: निकोलस मादुरो गिरफ्तार, सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू

CIA की खुफिया निगरानी और सटीक सैन्य कार्रवाई के बाद मादुरो को अमेरिका लाया गया; नार्को-टेररिज्म के आरोपों में न्यूयॉर्क कोर्ट में चलेगा मुकदमा

अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी को एक बड़े रणनीतिक कदम के तहत वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके आवास से हिरासत में लिया गया है

व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि यह ऑपरेशन अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और रक्षा विभाग का एक संयुक्त प्रयास था, जिसे बिना किसी जनहानि के पूरा किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका वेनेजुएला में स्थिरता और सत्ता के “ट्रांजिशन” (हस्तांतरण) तक निगरानी रखेगा।

महीनों की खुफिया तैयारी और निगरानी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे महीनों की योजना थी। अगस्त 2025 से ही CIA की विशेष टीमें वेनेजुएला में सक्रिय थीं। खुफिया सूत्रों और आधुनिक सर्विलांस तकनीक, जिसमें रीयल-टाइम डेटा और स्टेल्थ ड्रोन्स शामिल थे, के जरिए मादुरो की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। पेंटागन, एफबीआई (FBI) और न्याय विभाग (DOJ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मिशन के लिए डेल्टा फोर्स के साथ विस्तृत रिहर्सल की थी।

ऑपरेशन की पृष्ठभूमि: चुनाव और आरोप
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव 2024 के चुनावों के बाद बढ़ गया था, जब चुनाव परिणामों में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। ट्रंप प्रशासन ने मादुरो सरकार पर ‘नार्को-टेररिज्म’ और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया था।
* प्रतिबंध और कार्रवाई: 2025 में ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ के तहत कैरिबियन सागर में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाई गई थी।
* अंतिम चेतावनी: प्रशासन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई से पहले मादुरो को पद छोड़ने का अवसर दिया गया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
सटीक सैन्य कार्रवाई और तकनीक का प्रयोग
3 जनवरी की रात को अंजाम दिए गए इस ऑपरेशन में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
* इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर: EA-18G विमानों और साइबर तकनीक के जरिए वेनेजुएला के रडार और संचार तंत्र को अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे अमेरिकी बलों को बढ़त मिली।
* ग्राउंड ऑपरेशन: 160वीं स्पेशल ऑपरेशंस रेजिमेंट के हेलीकॉप्टर्स के जरिए डेल्टा फोर्स और एफबीआई की टीमें मादुरो के कंपाउंड में दाखिल हुईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान बेहद कम प्रतिरोध हुआ और मादुरो दंपति ने आत्मसमर्पण कर दिया।

न्यूयॉर्क में कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हिरासत में लिए जाने के बाद, निकोलस मादुरो को यूएसएस इवो जिमा (USS Iwo Jima) के जरिए अमेरिका लाया गया है। अब उन पर न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में नार्को-टेररिज्म, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
राजनीतिक भविष्य: इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला में विपक्षी नेताओं मारिया कोरिना माचाडो और एडमुंडो गोंजालेज की भूमिका अहम मानी जा रही है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे एक “जटिल मिसाल” बताया है। विश्लेषक इस ऑपरेशन को अमेरिकी विदेश नीति और सैन्य क्षमता का एक बड़ा उदाहरण मान रहे हैं।

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